(A) $(i)$ सीमित ऑक्सीजन या हवा में $C$ का सीधा ऑक्सीकरण कार्बन मोनोऑक्साइड देता है: $C + \frac{1}{2} O_{2} \xrightarrow{\Delta} CO$.
$(ii)$ कार्बन के साथ भारी धातु ऑक्साइड का अपचयन $CO$ देता है: $ZnO + C \rightarrow Zn + CO$ और $Fe_{2}O_{3} + 3C \rightarrow 2Fe + 3CO$.
$(iii)$ छोटे पैमाने पर शुद्ध $CO$ को $373 \ K$ पर सांद्र $H_{2}SO_{4}$ के साथ फार्मिक एसिड के निर्जलीकरण द्वारा तैयार किया जाता है: $HCOOH \xrightarrow[\text{Conc. } H_{2}SO_{4}]{373 \ K} CO + H_{2}O$.
$(iv)$ व्यावसायिक स्तर पर इसे गर्म कोक के ऊपर से भाप गुजार कर तैयार किया जाता है। इस प्रकार उत्पन्न $CO$ और $H_{2}$ के मिश्रण को वाटर गैस या सिंथेसिस गैस कहा जाता है: $C_{(s)} + H_{2}O_{(g)} \xrightarrow{473 \ K - 1273 \ K} CO_{(g)} + H_{2(g)}$.
जब भाप के बजाय हवा का उपयोग किया जाता है,तो $CO$ और $N_{2}$ का मिश्रण उत्पन्न होता है,जिसे प्रोड्यूसर गैस कहा जाता है: $2C_{(s)} + O_{2(g)} + 4N_{2(g)} \xrightarrow{1273 \ K} 2CO_{(g)} + 4N_{2(g)}$.
गुण और उपयोग: $CO$ एक रंगहीन,गंधहीन और जहरीली गैस है। यह एक शक्तिशाली अपचायक के रूप में कार्य करता है और धातुओं के निष्कर्षण में उपयोग किया जाता है। वाटर गैस और प्रोड्यूसर गैस महत्वपूर्ण औद्योगिक ईंधन हैं।